खोखर राठौड़ वंश, राठौड़ राजपूतों की एक प्रतिष्ठित शाखा है, जिसकी उत्पत्ति राव छाड़ा के पुत्र राव खोखर से मानी जाती है। राव खोखर ने राजस्थान के बाड़मेर जिले में सांकड़ा, सनावड़ा आदि गांवों पर अधिकार स्थापित किया और 'खोखर' नामक गांव की स्थापना की।
जब अलाउद्दीन खिलजी ने सिवाना पर आक्रमण किया, तब राव खोखर ने सांतल दे के पक्ष में वीरता से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए।
वर्तमान में, खोखर राठौड़ वंश के वंशज मुख्यतः राजस्थान के बाड़मेर जिले के विभिन्न गांवों में निवास करते हैं। इनका इतिहास और संस्कृति राजस्थान की समृद्ध विरासत का अभिन्न हिस्सा है।
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